Thursday, April 3, 2025

पिछले तीन दशक से कश्मीर के अलगाववादी आंदोलन का चेहरा माने जाते रहे सैयद अली शाह गिलानी ने कश्मीर में सबसे बड़े अलगाववादी संगठन हुर्रियत कॉन्फ्रेंस का साथ छोड़ दिया है.

’90 के दशक से कश्मीर घाटी में अलगाववादी आंदोलन का नेतृत्व करते आ रहे 90-वर्षीय सैयद अली शाह गिलानी हुर्रियत के आजीवन अध्यक्ष थे. वह वर्ष 2010 के बाद से अधिकतर समय घर में ही नज़रबंद रहे हैं.

सैयद अली शाह गिलानी ने सोमवार सुबह जारी किए एक ऑडियो संदेश में कहा कि वह ‘मौजूदा हालात’ के चलते ऑल पार्टी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस से इस्तीफा दे रहे हैं. उन्होंने कहा, “हुर्रियत कॉन्फ्रेंस की मौजूदा स्थिति के मद्देनज़र, मैं इस मंच से पूरी तरह अलग हो जाने की घोषणा करता हूं… इस संदर्भ में मैं मंच के सभी घटकों को विस्तृत खत पहले ही भेज चुका हूं…”

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 के अंतर्गत जम्मू एवं कश्मीर को दिए गए विशेष दर्जे को पिछले साल अगस्त में खत्म किए जाने के बाद यह राज्य के भीतर अलगाववादी राजनीति के लिए एक बड़ी घटना है. सूत्रों का कहना है कि गिलानी को पाकिस्तान स्थित समूहों से आलोचना का सामना करना पड़ रहा था, क्योंकि समूहों के मुताबिक, गिलानी भारत सरकार द्वारा उठाए गए बड़े कदम का जवाब देने में नाकाम रहे. बहुत-से लोगों ने अलगाववादी कट्टरपंथी नेता की चुप्पी पर भी सवालिया निशान लगाए.

Tags: ,

0 Comments

Leave a Comment

LATEST POSTS

Sensex 1,500 अंक तक गिरा, Nifty भी लुढ़ककर 17,000 के नीचे आया
Arun Kumar Saini ने लिखी कामयाबी की नई इबारत, Capital Sands ने लगाई ऊंची छलांग
Share Price में हेराफेरी! SEBI ने 85 कंपनियों को शेयर मार्केट से ट्रेडिंग पर लगाया बैन
Bizzopp Expo and Business Awards 2025: A Landmark Event in New Delhi
कोरोना की वजह से देश का लक्जरी कार बाजार 5-7 साल पीछे हुआ
Gold Silver Price: आज सोना हुआ सस्ता और चांदी हुई महंगी, ज्वैलरी बाजार में ये रहा सोने का रेट
The Leadership and Ethical Business Model of Arun Gee
Delhi Property Tax Rates Likely To Go Up Marginally
शेयर बाजार में गिरावट का दिन, सेंसेक्स-निफ्टी नुकसान में
IMF के ग्लोबल अनुमान घटाने से कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव, 1950 डॉलर के नीचे आया सोना
Celebrity Bhagyashree Presents Awards to Notable Personalities.
सोना-चांदी के दाम में आई बड़ी गिरावट