Wednesday, January 7, 2026

कोरोनावायरस  महामारी की वजह से देश का लक्जरी या महंगी कारों का बाजार पांच से सात साल पीछे चला गया है. जर्मनी की वाहन क्षेत्र की कंपनी ऑडी के एक शीर्ष अधिकारी ने यह बात कही. ऑडी इंडिया के प्रमुख बलबीर सिंह ढिल्लों ने कहा कि लक्जरी कार के बाजार को फिर से 2014-15 के स्तर पहुंचने के लिए दो से तीन साल लगेंगे. उन्होंने कहा कि COVID-19 की वजह से आई दिक्कतों के बाद अब स्थिति सुधर रही है. हालांकि, हमारी बिक्री में अगले साल ही निचले आधार प्रभाव पर वृद्धि देखने को मिलेगी.

ढिल्लों ने कहा, ‘‘हम सभी कह रहे हैं कि बिक्री बढ़ रही है और धारणा सकारात्मक हुई है. हम भी अगले साल वृद्धि दर्ज करेंगे. आधार प्रभाव काफी नीचे चला गया है.” उन्होंने कहा, ‘‘2014-15 में हमने जितनी कारें बेची थीं, हम उस स्तर पर तत्काल अगले साल नहीं पहुंच पाएंगे. ऐसे में महामारी ने हमें पांच से सात साल पीछे कर दिया है.”

2014 में भारत में लक्जरी कारों की बिक्री 30,000 इकाई रही थी. 2015 में यह 31,000 इकाई रही थी. यह पूछे जाने पर लक्जरी कार उद्योग की स्थिति कब तक सुधरेगी, ढिल्लों ने कहा कि निश्चित रूप से यह अगले साल नहीं होगा. हमें उस स्तर पर पहुंचने में दो से तीन साल लगेंगे. भारत के लक्जरी कार बाजार की शीर्ष पांच कंपनियों में मर्सिडीज, बीएमडब्ल्यू, ऑडी, जेएलआर और वोल्वो शामिल हैं. इन कंपनियों की बिक्री 2019 में 35,500 इकाई रही थी. 2018 में इन कंपनियों की बिक्री 40,340 इकाई रही थी.

Tags: , ,

0 Comments

Leave a Comment

LATEST POSTS

Taiwan October Export orders Likely contracted Again, But at Slower Pace- Raeuters Poll
Arun Kumar Saini ने लिखी कामयाबी की नई इबारत, Capital Sands ने लगाई ऊंची छलांग
कोरोना की वजह से देश का लक्जरी कार बाजार 5-7 साल पीछे हुआ
Celebrity Bhagyashree Presents Awards to Notable Personalities.
IMF के ग्लोबल अनुमान घटाने से कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव, 1950 डॉलर के नीचे आया सोना
Share Price में हेराफेरी! SEBI ने 85 कंपनियों को शेयर मार्केट से ट्रेडिंग पर लगाया बैन
Sensex 1,500 अंक तक गिरा, Nifty भी लुढ़ककर 17,000 के नीचे आया
Gold Silver Price: आज सोना हुआ सस्ता और चांदी हुई महंगी, ज्वैलरी बाजार में ये रहा सोने का रेट
इंडोनेशिया ने बढ़ाई भारत की मुश्किलें, अभी 10 फीसदी और महंगा होगा खाने का तेल
महिलाओं की दिलचस्पी ऑनलाइन ट्रेडिंग बाज़ार (FX & CFD’s) में क्यों बढ़ने लगी?
Delhi Property Tax Rates Likely To Go Up Marginally