Friday, April 17, 2026

कच्चे तेल के आसमान पर चल रहे दामों के बीच सरकार ने पेट्रोल-डीजल के दामों को लेकर चिंता जताई है. देश में पिछले चार महीने से ज्यादा वक्त से ईंधन तेल के दामों में कोई संशोधन नहीं हुआ है. लेकिन रूस-यूक्रेन युद्ध और अब अमेरिका की ओर से रूस पर तेल आयात को लेकर बैन लगाने से कच्चा तेल और महंगा हो सकता है. इसकी कीमत पहले ही 139 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर को छू चुकी है. मंगलवार को इसकी कीमतें 127 डॉलर प्रति बैरल के आसपास थी. वहीं भारत में हाजिर मांग बढ़ने के बीच कारोबारियों द्वारा अपने सौदों का आकार बढ़ाने से मंगलवार को कच्चे तेल का वायदा भाव 37 रुपये की बढ़त के साथ 9,321 रुपये प्रति बैरल पर पहुंच गया था.

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को यूक्रेन संकट के कारण कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों पर चिंता जताई और संकेत दिया कि केंद्र सरकार वैकल्पिक स्रोतों का इस्तेमाल करने पर विचार कर रही है. वित्त मंत्री ने कहा, ‘निश्चित रूप से इसका भारतीय अर्थव्यवस्था पर असर होगा. हम इसे एक चुनौती के रूप में लेने और इसके असर को कम करने के लिए कितना तैयार होंगे,

उन्होंने कहा कि भारत कच्चे तेल की कुल जरूरत का 85 प्रतिशत से अधिक हिस्सा आयात से पूरा करता है और जब तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो यह चिंता का विषय है. वित्त मंत्री ने कहा कि हमें देखना होगा कि यह आगे किस दिशा में जाता है. उन्होंने बताया कि तेल विपणन कंपनियां 15 दिन के औसत के आधार पर खुदरा कीमतें तय करती हैं, लेकिन ‘अब हम जिन आंकड़ों की बात कर रहे हैं, वे औसत से परे हैं.’

 

Tags: , ,

0 Comments

Leave a Comment

LATEST POSTS

Arun Kumar Saini ने लिखी कामयाबी की नई इबारत, Capital Sands ने लगाई ऊंची छलांग
Share Price में हेराफेरी! SEBI ने 85 कंपनियों को शेयर मार्केट से ट्रेडिंग पर लगाया बैन
Exclusive Insights, Networking & Growth Strategies at Bizzopp 2025
सोना-चांदी के दाम में आई बड़ी गिरावट
IMF के ग्लोबल अनुमान घटाने से कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव, 1950 डॉलर के नीचे आया सोना
Dollar Consolidates, Still in Demand
इंडोनेशिया ने बढ़ाई भारत की मुश्किलें, अभी 10 फीसदी और महंगा होगा खाने का तेल
Sensex 1,500 अंक तक गिरा, Nifty भी लुढ़ककर 17,000 के नीचे आया
शेयर बाजार में गिरावट का दिन, सेंसेक्स-निफ्टी नुकसान में
महिलाओं की दिलचस्पी ऑनलाइन ट्रेडिंग बाज़ार (FX & CFD’s) में क्यों बढ़ने लगी?
Taiwan October Export orders Likely contracted Again, But at Slower Pace- Raeuters Poll