Thursday, April 3, 2025

कोरोना वायरस  महामारी के समय में इस वायरस के प्रकोप से बचाव के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी में दुर्गा पूजा  आयोजकों ने खास तैयारी करने का निर्णय लिया है. इसके तहत, ऑनलाइन दर्शन  के साथ ही प्रसाद घर पर ही पहुंचाया जाएगा और पुजारियों के अलावा रसोइये का भी कोविड-19 परीक्षण कराया जाएगा. कुछ आयोजकों ने कहा, कि वे अंतिम समय में किसी भी दिक्कत से बचने के लिए दो पुजारियों की सेवा लेंगे, ताकि एक पुजारी यदि संक्रमण की चपेट में आ जाए तो दूसरा जिम्मेदारी निभा सके. इसके अलावा, संपर्क में आए लोगों का आसानी से पता लगाने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं का पूरा विवरण रखने की भी योजना है.

दिल्ली में अधिकतर दुर्गा पूजा समितियों ने फैसला किया है कि आम लोगों को प्रवेश की अनुमति नहीं जाए और सीमित संख्या में केवल समिति के सदस्य दर्शन करें. दिल्ली में दुर्गा पूजा उत्सव का भव्य आयोजन करने वाली ‘चितरंजन पार्क काली मंदिर सोसायटी’ ने इस साल कोविड-19 महामारी के मद्देनजर आम जनता को मंदिर प्रांगण में प्रवेश नहीं देने का निर्णय लिया है. सोसायटी ने एक डीटीएच सेवा प्रदाता और स्थानीय केबल संचालक से समझौता किया है ताकि श्रद्धालु घर बैठे ही मां दुर्गा की मूर्ति के दर्शन कर सकें. साथ ही सोसायटी ने अन्य सोशल मीडिया माध्यमों जैसे अपने फेसबुक पेज और यूट्यूब चैनल पर ऑनलाइन दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराने की भी योजना बनाई है.
Tags: ,

0 Comments

Leave a Comment

LATEST POSTS

Exclusive Insights, Networking & Growth Strategies at Bizzopp 2025
Gold Silver Price: आज सोना हुआ सस्ता और चांदी हुई महंगी, ज्वैलरी बाजार में ये रहा सोने का रेट
महिलाओं की दिलचस्पी ऑनलाइन ट्रेडिंग बाज़ार (FX & CFD’s) में क्यों बढ़ने लगी?
Dollar Consolidates, Still in Demand
इंडोनेशिया ने बढ़ाई भारत की मुश्किलें, अभी 10 फीसदी और महंगा होगा खाने का तेल
Bizzopp Expo and Business Awards 2025: A Landmark Event in New Delhi
Bizzopp Business Expo 2025: Unlock Networking and Growth Opportunities in New Delhi
IMF के ग्लोबल अनुमान घटाने से कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव, 1950 डॉलर के नीचे आया सोना
RELIANCE आज पेश करेगा अपने Q4 नतीजे
Celebrity Bhagyashree Presents Awards to Notable Personalities.
Arun Kumar Saini ने लिखी कामयाबी की नई इबारत, Capital Sands ने लगाई ऊंची छलांग
कोरोना की वजह से देश का लक्जरी कार बाजार 5-7 साल पीछे हुआ