Monday, January 26, 2026

वाशिंगटन: अमेरिकी स्वास्थ्य नियामक ने कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज के लिए रक्त प्लाज्मा के उपयोग के लिए आपात मंजूरी दी है और कहा कि इस उपचार के फायदे किसी भी संभावित जोखिम से अधिक हैं. अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने रविवार को कहा कि देश में कोन्वलसेंट प्लाज्मा से 70,000 से अधिक मरीजों का उपचार किया गया और यह प्लाज्मा कोरोना वायरस संक्रमण से उबर चुके लोगों के रक्त से लिया जाता है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चार दिवसीय रिपब्लिकन राष्ट्रीय सम्मेलन की पूर्व संध्या पर एफडीए के इस कदम का स्वागत किया. इस सम्मेलन में राष्ट्रपति पद के लिए तीन नवंबर को होने वाले चुनाव के लिए ट्रंप को फिर रिपब्लिकन उम्मीदवार नामित किया जाएगा.

डब्ल्यूएचओ की प्रमुख वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि कोन्वलसेंट प्लाज्मा के संदर्भ में दुनियाभर में अभी कई क्लीनिकल परीक्षण चल रहे हैं. भारत की बालचिकित्सक और तपेदिक एवं एचआईवी पर शीर्ष शोधकर्ता स्वामीनाथन ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ असल में, उनमें से महज कुछ के अंतरिम परिणाम ही आये हैं… और फिलहाल, इसका साक्ष्य बहुत कम गुणवत्ता वाला है.” उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएचओ अब भी मानता है कि प्लाज्मा थेरेपी प्रायोगिक दौर में है और उसका मूल्यांकन जारी रहना चाहिए.

उन्होंने कहा कि इस उपचार को मानक रूप देना मुश्किल है क्योंकि लोगों में अलग अलग स्तर पर एंटीबॉडीज बनता है और प्लाज्मा का संग्रहण उबर चुके मरीजों से व्यक्तिगत रूप से होना चाहिए. प्लाज्मा उपचार पर अपनी घोषणा से एक दिन पहले ही राष्ट्रपति ट्रंप ने एफडीए पर इस बीमारी के लिए टीके और उपचार में राजनीतिक वजह से बाधा पहुंचाने का आरोप लगाया था. ट्रंप ने ट्वीट किया था, ‘‘ एफडीए में निहित स्वार्थी तत्व या जो भी है, वह दवा कंपनियों के लिए लोगों पर टीके या उपचार के परीक्षण में बाधा खड़ी कर रहे हैं.”

उन्होंने कहा, ‘‘ स्पष्टत: वे (अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के पूरा हो जाने तक) देरी की आस कर रहे है.” एफडीए ने विज्ञप्ति में कहा कि कोविड-19 के खिलाफ संघर्ष में अपने प्रयास के तहत उसने अस्पताल में भर्ती कोविड-19 मरीजों पर प्लाज्मा के जांच संबंधी उद्देश्य के लिए उसके आपात उपयोग की मंजूरी दी है. उपलब्ध वैज्ञानिक साक्ष्य के आधार पर एफडीए इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि यह उत्पाद कोविड-19 के उपचार में प्रभावी हो सकता है और ‘‘उसके ज्ञात और संभावित फायदे उसके ज्ञात और संभावित जोखिम से अधिक हैं.”

जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय के अनुसार अमेरिका में कोरोना वायरस से 1,76,000 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है तथा देश में अब तक 57 लाख लोग उससे संक्रमित हुए हैं.
Tags: , ,

0 Comments

Leave a Comment

LATEST POSTS

Petrol Diesel Price: 18 दिन बाद महंगा हुआ डीजल
Bizzopp Business Expo 2025: Unlock Networking and Growth Opportunities in New Delhi
Taiwan October Export orders Likely contracted Again, But at Slower Pace- Raeuters Poll
Exclusive Insights, Networking & Growth Strategies at Bizzopp 2025
Delhi Property Tax Rates Likely To Go Up Marginally
Bizzopp Expo and Business Awards 2025: A Landmark Event in New Delhi
Dollar Consolidates, Still in Demand
Arun Kumar Saini ने लिखी कामयाबी की नई इबारत, Capital Sands ने लगाई ऊंची छलांग
महिलाओं की दिलचस्पी ऑनलाइन ट्रेडिंग बाज़ार (FX & CFD’s) में क्यों बढ़ने लगी?
Share Price में हेराफेरी! SEBI ने 85 कंपनियों को शेयर मार्केट से ट्रेडिंग पर लगाया बैन
Gold Silver Price: आज सोना हुआ सस्ता और चांदी हुई महंगी, ज्वैलरी बाजार में ये रहा सोने का रेट